The Single Best Strategy To Use For ❌ Zyada laalach ya gussa



साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। 

वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे।

जिसके कारण यह कुछ राशियों को शुभ फल देता है तो कुछ राशियों को अशुभ फल देता है और अगर आध्यात्मिक की दृष्टि से देखा जाए तो ग्रहण काल का समय साधकों के लिए किसी प्रकार के वरदान से कम नहीं होता है.

अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। 

उत्तर बांधों, दक्खिन बांधों, बांधों मरी मसान, डायन भूत के गुण बांधों, बांधों कुल परिवार, नाटक बांधों, चाटक बांधों, बांधों भुइयां वैताल, नजर गुजर देह बांधों, राम दुहाई फेरों।

क्योंकि बिना नियम का पालन किए हुए कोई भी देवी या देवता प्रसन्न नहीं होते हैं, इसलिए अगर किसी साधक को किसी भी प्रकार की सिद्धि करनी है तो उसे पूरी विधि विधान से मंत्र जाप और अपनी साधना विधि करनी चाहिए तभी उसे अपनी साधना में सफलता मिलेगी.

अगले पन्ने पर ऐसा सिद्ध होता है कोई मंत्र...

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साधना के लिए एक निश्चित समय और स्थान का पालन करें।

हिंदू धर्म ने ही दुनिया को खगोल शास्त्र, अर्थशास्त्र और अंकगणित जैसी विद्या भी प्रदान की है

इसी तरह लगातार जप का अभ्यास करते रहने से आपके चित्त में वह मंत्र इस कदर जम जाता है कि फिर नींद में भी वह चलता रहता है और अंतत: एक दिन वह मंत्र सिद्ध हो जाता है। दरअसल, मन जब मंत्र के अधीन हो जाता है तब वह सिद्ध होने लगता है। अब सवाल यह उठता है कि सिद्ध होने के बाद क्या होता है या कि उसका क्या लाभ? आओ अगले पन्नों पर इसे जानते हैं।

राम-राम क्या करे, चीनी मेरा नाम। सर्वनगरी बस में करूं, मोहूं सारा गांव।राजा की बकरी करूं, नगरी करूं बिलाई। नीचा में ऊंचा करूं, सिद्ध गौरखनाथ का दुहाई।

कुछ नया जानने और सीखने की जादुई दुनिया !

भोजन और आहार में संयम:- साधना के दौरान मांस, मदिरा और अन्य तामसिक पदार्थों का त्याग करें। सात्विक आहार ग्रहण करें।

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